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मंगलवार, दिसंबर 13, 2016

बनाए अपना होम ऑफिस

इसके लिए जरुरत है बस थोडा सा व्यवस्थित होने की और ज्यादातर उन चीजों की जो आपके घर में पहले से ही उपलब्ध है कुछ यहाँ तो कुछ वहां और हां सबसे जरुरी बात आपका फेवरेट कौना जहाँ आप बैठना पसंद करें |

सामग्री – 1 स्टडी टेबल, 1 कुर्सी, 1 स्टूल, आपका कम्प्यूटर या लेपटॉप🖥कुछ स्टेशनरी वस्तुएं [जैसे की पेन,पेंसिल,रबड़, शार्पनर, स्टेपलर, स्केल, कैंची, फेविकोल, इंच टेप इत्यादि], लिफाफे, स्टैम्प्स ,सादे कागज, स्कैच पेन्स, नोटबुक📕, एक दो फोल्डर 🗂 जिसमें आप जरुरी न्यूज पेपर 🗞 कटिंग्स या अन्य कागज रख सके|

आपकी रेफरेंस बुक्स📚 जैसे की हिंदी तथा अंग्रेजी या अन्य भाषाओँ की  डिक्शनरीज , डायरेक्टरीज , एटलस, सामान्य ज्ञान , आपकी जरुरी सॉफ्टवेयर सीडी, डीवीडी कलेक्शन 💿 इत्यादि | एक बुक शेल्फ या फिर दीवार में बना आला तो है ही | आपकी एक्स्ट्रा पेन ड्राइव्स, कार्ड रीडर, मेमोरी कार्ड्स, वाई फाई अडेप्टर, डोंगल, डाटा केबल जैसी यूजफुल चीजे |      

स्टडी टेबल कुर्सी🪑व स्टूल को अपनी चुनी जगह पर रखें अब टेबल पर पेन पेन्सिल जैसी स्टेशनरी वस्तुओं को पेन स्टेंड में व्यवस्थित रूप से रखें | अपना कम्प्यूटर या लेपटॉप 💻 उस टेबल पर रखे | अपनी सभी रेफरेंस बुक्स, डायरी📒, फोल्डर💼, सॉफ्टवेयर आदि  पास ही शेल्फ पर रखे और साथ ही सादे कागज, लिफाफे, स्टेम्प्स इत्यादि शेल्फ पर जमाकर रखे | आपकी उपलब्ध कम्प्यूटर और मोबाइल एक्सेसरीस 🎧के अनुरूप एक केस  लेकर उन्हें उसमे जमाकर रखे | उसे भी शेल्फ पर रख दे |  

ऑफिस को और ज्यादा से ज्यादा कार्यशील बनाने के लिए आप कुछ आवश्यक सामग्री खरीद भी सकते है जैसे की मल्टी फंक्शन प्रिंटर🖨 जो साढ़े  पांच से छः हज़ार तक  में आसानी से उपलब्ध है जो कि  दैनिक उपयोगी है आउटपुट पाने का बहुत जरुरी साधन है | कुछ यू एस बी लाइट्स या टेबल लेम्प जो की आपके की बोर्ड को रौशनी देती है और आप बिना किसी को डिस्टर्ब किये अपना काम जारी रख सकते है |  

देखिए तैयार है आपका होम ऑफिस जो की आपके पूरे परिवार के लिए एक सुविधाजनक वातावरण बनाता है और आपके दोस्तों  में आपकी धाक जमाता है | 





शुक्रवार, मार्च 25, 2011

आप सभी के आशीर्वाद से...

बहुत दिनों से ब्लॉग पर कोई पोस्ट नहीं लिखी तो सोचा की क्यूँ न आज कुछ पुराने पन्ने पलट कर देखे जाये|यहाँ में लेकर आई हूँ उन सभी पोस्ट की झलकियाँ जिन्हें आपने सराहा|कुछ  रचनाओं  को ज्यादा कमेंट्स मिले तो कुछ को ज्यादा पेज व्यू |कुल मिलाकर यह सफर यादगार रहा|एक अच्छा ब्लॉगर कहलाना मेरा सपना है,अब तो उस दिन का इन्तजार है जब मुझे लोग एक अच्छी ब्लॉगर कहें|आप सभी के आशीर्वाद से| 

आती हर रोज सुबह
पर हमें है उस सुबह का इंतजार
जब सब देश एक होंगे
और बनेगा प्यारा संसार|
न होगी नफ़रत की दीवार 
बस होगी खुशियों की बौछार
हमें है उस सुबह का इंतजार
जब सब देश एक होंगे 
और बनेगा प्यारा संसार|

हर रचना को लिखे जाने का अपना एक महत्वपूर्ण कारण होता है , चाहे वह रचना कितनी ही साधारण से साधारण क्यूँ न हो |भगवान ने कुछ शब्दों को हम पर उतारा है तो जरूर इसके पीछे कुछ ना कुछ उद्देश्य छिपा है |

ईश्वर के बनाये नियमों को

तोड़ दिया इंसानों ने
दुनिया की मिलती राहों को
मोड़ दिया इंसानों ने |
राह एक थी मोड़ बन गए
देश कट गए,झंडे बंट गए
एक ईश्वर को कई धर्मों मैं
बाँट दिया इंसानों ने |
एक विश्व को बंटवारे का
कोढ़ दिया इंसानों ने |

हम है सिपाही हम है सिपाही 
देश की रक्षा करने निकले 
आजादी है हमने चाही| 
भारत माँ के रक्षक है  हम 
माँ के बेटे बहनों के भाई 
हम है सिपाही हम है सिपाही| 

आज नेट सर्फिंग के दौरान एक ब्लॉग द्वारा हाइकु से मेरा परिचय हुआ|कविता के इस जापानी रूप को देखकर, मुझे भी लगा की मैं हाइकु लिखूं|पर दिखने में चंद यह पंक्तिया लिखना बिल्कुल भी आसन काम नहीं है|फिर भी कोशिश करने मे क्या हर्ज है|


एक रौशनी दिखी जो, आशा जगा गयी,
जीवन की ज्योत जैसे, हमे थमा गयी|
समाज से कुछ लिया तो,कुछ लोटायें हम
एक सपना नया हमको दिखा गयी|


१. घर
पंछी लौटते 
घौंसले में है बच्चे 
घर आ गया |

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ
इन शब्दों मे है जादु|
'अ' से पुरे करो अरमान
'आ' से छुलो आसमान
'इ' से इज्जत करो सबकी
'ई'से सीखो ईमानदारी



माँ ने दिया है जन्म हमें
माँ ने ही है पाला 
माँ ने दिए संस्कार हमें
माँ ने जीवन में भरा उजाला|





रविवार, जनवरी 16, 2011

ईश्वर के दूत है अच्छे रचनाकार

हर रचना को लिखे जाने का अपना एक महत्वपूर्ण कारण होता है , चाहे वह रचना कितनी ही साधारण से साधारण क्यूँ न हो |भगवान ने कुछ शब्दों को हम पर उतारा है तो जरूर इसके पीछे कुछ ना कुछ उद्देश्य छिपा है |हो सकता है दूर कहीं किसी अन्जान को आपकी कोई रचना प्रभावित करती है और उसके जीवन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव लाती है | ईश्वर ने आपको जरिया बनाकर जो शब्द लिखाये है हो सकता है उसमे आपके लिए या किसी ओर के लिए ईश्वर का सन्देश छिपा हो |इस तरह अच्छे रचनाकार ईश्वर का दूत बनते है | हमारे बड़े बुजुर्ग कहते है की ईश्वर अपनी बात किसी ना किसी तरह कह ही देते है,उसे समझना हमारा काम है| ईश्वर हमसे इस तरह बात करते है|मुझे इस बात का पूरा विश्वाश है | आप में से कई लोगो ने इस बात को महसूस किया होगा |क्या आप इस पर विश्वाश करते है |

रविवार, नवंबर 14, 2010

मैं हिंदी का सम्मान क्यूँ न करूँ?

मैं सपने हिंदी में देखती हूँ ,प्रार्थना हिंदी में करती हूँ 
और मुझे आशीर्वाद भी हिंदी में दिए जाते है 
तो फिर मैं हिंदी का सम्मान क्यूँ न करू ?
 दूसरी भाषाओँ के मुकाबले मैं हिंदी में खुदको 
और समाज को अच्छी तरह अभिव्यक्त  कर पाती हूँ| 
हिंदी मेरी मातृभाषा है| हिंदी मुझे सम्मान दिलाती है
 तो फिर मैं हिंदी का सम्मान क्यूँ  न करूँ? 

शनिवार, अक्टूबर 30, 2010

आपका नाम

आपका नाम -
ब्लॉग के इस भाग में मै कोशिश करुँगी ऐसे दोहे,चौपाई,कविता,शायरी आदि ढूंढ़ कर लाने की जिनमे आपका नाम छुपा हो|इस प्रकार आप अपने नाम का अर्थ और गहराई से जान सकेंगे|
शुरुआत क्यूँ ना मेरे नाम से की जाये|
तो आज का नाम है नेहा-

नेहा शब्द का उल्लेख मुझे श्री रामचरितमानस के किष्किन्धा काण्ड में मिला है|

देत लेत मन संक न धरई | बल अनुमान सदा हित करई ||
बिपत्ति काल कर सतगुन नेहा | श्रुति कह संत मित्र गुण एहा ||

अर्थ-
देने-लेने में मन में शंका न रखे|अपने बल अनुसार सदा हित ही करता रहे|विपत्ति के समय में तो सदा सौगुना स्नेह करे|वेद कहते हैं की संत (श्रेष्ठ)मित्र के गुण (लक्षण)ये हैं||३||

हिंदी शब्दकोष में नेहा के लिए नेह शब्द का उल्लेख किया गया है जिसे संस्कृत मै स्नेह कहते है|
अंग्रेजी में नेह का अर्थ Friendship,affection दिया गया है|
धन्यवाद |

शुक्रवार, अक्टूबर 22, 2010

ओरो का सपना पूरा हुआ

आज अमिताभ बच्चन जी को फिल्म पा के लिए राष्ट्रीय पुरुस्कार मिला|बच्चन जी व उनके सभी प्रसंशकों को हार्दिक बधाई| वाकई अमिताभ जी ने ओरो की भूमिका बहुत ही बेहतरीन ढंग से निभाई थी|फिल्म पा मे ओरो इठलाते हुए कहता है कि राष्ट्रपति भवन जा रहा हूँ| ओरो राष्ट्रपति से तो नहीं मिल पता लेकिन आज अमिताभ बच्चन जी को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से पुरुस्कार लेते देख ऐसा लगा जैसे ओरो का सपना पूरा हुआ|
आइये एक बार फिर एक साथ कहे - ओरो ओरो ओरो
पा पा प प पा पा प प प प पा पा प प प प पा 

सोमवार, अक्टूबर 18, 2010

नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों मे बदलना.

'किसी परिस्तिथी विशेष के कारण उत्पन्न  दबाव [भय आदि] को अपनी कल्पना के माध्यम से दूर करना असंवेदनिकरण कहलाता है'|
नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में  परिवर्तित करके दबाव को कम करने के लिए असंवेदनिकरण का  उदहारण-
प्रसिद्ध पुस्तक harry potter and the prisoner of azkaban में असंवेदनिकरण का एक अच्छा  उदहारण है, हालाँकि यह पुस्तक जादुई दुनिया पर आधारित है लेकिन हम यहाँ इसे मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने कि कोशिश करेंगे |
पुस्तक के इस भाग में अध्यापक अपनी अलमारी से एक बहुरूपिये को छोडता है  तथा छात्रों से उस चीज कि कल्पना करने को कहता है जिससे कि छात्र को सबसे ज्यादा डर लगता है | ऐसा करने पर वह बहुरुपिया छात्र के डर का रूप ले लेता है |
फिर वह अध्यापक छात्र को उस डर को भागने का मंत्र देता है, वह कहता है कि जो चीज इस डर को खत्म करेगी वह है हंसी| बस हमें अपनी कल्पना मे उस डर को ऐसा रूप धरने को मजबूर करना है जो बहुत मजेदार लगता है| ऐसी कल्पना करने पर छात्र के चहरे पर हंसी आ जाती है |
इस प्रकार वह दबाव उत्पन्न करने वाली स्तिथी को असंवेदनिकृत करता है तथा आराम प्राप्त करना सीख जाता है|  

गुरुवार, अक्टूबर 14, 2010

सपने कैसे बनते है.

सपने कैसे बनते है.
हम दिन भर मे जो कार्य,बातचीत या व्यवहार करते है,उसका कुछ भाग चाहे वह कुछ सेकंड्स का ही क्यूँ न हो हमारे मस्तिष्क मे छप जाता है [ कंप्यूटर की भाषा मे कहे तो टेम्प.फाइल के रूप मे सेव हो जाता है]जब हम रात मे सोते है तो यही भाग अजीबो-गरीब या पुरे दिन के कार्यों के कुछ भागो को जोड़कर उसे सम्पादित कर एक clipping  का निर्माण करता है| यही ऑडियो-वीडियो clipping हमे नींद में दिखाई देती है जिसे हम स्वप्न कहते है|
उदाहरण-
आपके एक दिन का हाल और उसके बाद का स्वपन-
१.आप किसी बहुत शैतान बच्चे को देखते है|
२.आपको पता चलता है कि आपके कोई रिश्तेदार आपके घर आने वाले है|
३.आप किसी से अपने पुराने पडोसी और उनकी बेटी  के बारे मे बात करते है कि "क्या वह आंटी याद है,उनकी बेटी अब कितनी बड़ी हो गयी होगी|"यह बातचीत कुछ ही सेकंड्स कि होती है|
४.आप अपने पहचान के कुछ लोगों को याद करते है जिन्हें आपने काफी समय से नहीं देखा और उनकी उम्र का अंदाजा लगते है|

रात को आप स्वपन देखते है कि आपकी पुरानी पडोसी आपनी बेटी के साथ घर आई है|उनकी बेटी अभी भी छोटी ही है|वह बहुत शैतान है| उसने आपको बुरी तरह से परेशान कर दिया है|आप बचने कि बहुत कोशिश  कर रहे है लेकिन बच नहीं पा रहे है|वह इतना तंग करती है कि आप डर जाते है ,और आपकी नींद खुल जाती है|
" इस ब्लॉग पर पोस्ट की गई सभी रचनाएँ मौलिक है जो की मेरी और मेरे परिवार के सदस्यों द्वारा लिखी गई है " | किताबों व अन्य प्रोडक्ट्स पर दी जानकारी अनुभव आधारित है |
धन्यवाद
नेहा मैथ्यूज़