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11/28/2010

चिड़िया

दाना चुगती एक चिड़िया दूजी से बोली
सबको अच्छी लगती है हमारी बोली
सुबह-सुबह जब मिलकर चहचहाती है हम
लोग भूल जाते है अपने सारे गम
बच्चों के संग मिलकर माँ डाले दाना
सैर करते निहारे हमको नानी-नाना
इसी तरह सदा हम खुशियाँ फैलाए
आओ मिलकर फिर से हम चहचहाए |


11/13/2010

घडी

जादु की है छड़ी 
समय बतलाती घडी 
टिक टिक टिक टिक करती 
समय की सीढ़ी चढ़ती 
घडी की टिक टिक कहती 
समय बड़ा बलवान 
समय का कहना मानो 
पुरे होंगे हर अरमान 
जादु की है छड़ी 
समय बतलाती घडी |

10/28/2010

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ

अ, आ, इ, ई, उ, ऊ
इन शब्दों मे है जादु|
'अ' से पुरे करो अरमान
'आ' से छुलो आसमान
'इ' से इज्जत करो सबकी
'ई'से सीखो ईमानदारी
'उ' से करो उन्नति
'ऊ'से तय करो ऊंचाई
ज्ञान छुपा इन अक्षरों मे
सिखाओ, बांटों
पढ़े लिखे और निरक्षरों में|

10/27/2010

सुबह का राग


सुबह सुबह चिड़ियों ने राग सुनाया
मिटटी की खुशबु ने मन महकाया|
कभी धीमी धीमी सी हवा चली 
कभी हल्की हल्की सी धुप खिली|
चिड़ियों ने राग सुनाया
नई सुबह का नया उजाला आया|
पक्षियों की वाणी ने 
कानों मे मिश्री घोली,
इतने में मेरी मम्मी गुड मोर्निंग बोली|



10/26/2010

रोटी


चिकी बोला-मम्मी मम्मी मुझको भूख लगी|
मम्मी बोली-चिकी बेटा खाले तू रोटी|
चिकी बोला- मम्मी मुझको रोटी नहीं भाएगी|
मम्मी बोली-चिकी बेटा ताकत कहाँ से आएगी|


10/20/2010

काजू कतली

न अमेरिका न इटली
ये दिल मांगे काजू कतली
चाहे मोटी हो या पतली
इससे ताकत पाती पसली
ये करेगी तेज दिमाग
हर बात का दोगे सही जवाब
इसकी हर बात है निराली
चाहे होली हो या दिवाली
यह चीज है बिल्कुल असली
ये है स्वादिष्ट काजू कतली|

मेरी अभिलाषा


यह मेरी अभिलाषा है
दुनिया मे नाम कमाऊ मै
सूरज की रौशनी के साथ
मंजिल पर बढती जाऊ मै
दुनिया रूपी आसमान के 
तारों मै झिलमिलाऊ मै 
यह मेरी अभिलाषा है
दुनिया मे नाम कमाऊ मै
पीछे न पैर  हटाऊ मै
मंजिल पर बढती जाऊ मै 
यह मेरी अभिलाषा है
दुनिया मे नाम कमाऊ मै

10/19/2010

हँसो और हँसाओ

खेलो,कूदो,मौज मनाओ
खुद भी हँसो और सबको हँसाओ|

हँसना ही तो जीवन है
और हँसाना सत्कर्म है

हँसने से तुम होगे स्वस्थ
कहलाओगे बिल्कुल मस्त

ख़ुशी की ये एक प्याली है
हँसना तो बात निराली है|