सपने कैसे बनते है.
हम दिन भर मे जो कार्य,बातचीत या व्यवहार करते है,उसका कुछ भाग चाहे वह कुछ सेकंड्स का ही क्यूँ न हो हमारे मस्तिष्क मे छप जाता है [ कंप्यूटर की भाषा मे कहे तो टेम्प.फाइल के रूप मे सेव हो जाता है]जब हम रात मे सोते है तो यही भाग अजीबो-गरीब या पुरे दिन के कार्यों के कुछ भागो को जोड़कर उसे सम्पादित कर एक clipping का निर्माण करता है| यही ऑडियो-वीडियो clipping हमे नींद में दिखाई देती है जिसे हम स्वप्न कहते है|
उदाहरण-
आपके एक दिन का हाल और उसके बाद का स्वपन-
१.आप किसी बहुत शैतान बच्चे को देखते है|
२.आपको पता चलता है कि आपके कोई रिश्तेदार आपके घर आने वाले है|
३.आप किसी से अपने पुराने पडोसी और उनकी बेटी के बारे मे बात करते है कि "क्या वह आंटी याद है,उनकी बेटी अब कितनी बड़ी हो गयी होगी|"यह बातचीत कुछ ही सेकंड्स कि होती है|
४.आप अपने पहचान के कुछ लोगों को याद करते है जिन्हें आपने काफी समय से नहीं देखा और उनकी उम्र का अंदाजा लगते है|
रात को आप स्वपन देखते है कि आपकी पुरानी पडोसी आपनी बेटी के साथ घर आई है|उनकी बेटी अभी भी छोटी ही है|वह बहुत शैतान है| उसने आपको बुरी तरह से परेशान कर दिया है|आप बचने कि बहुत कोशिश कर रहे है लेकिन बच नहीं पा रहे है|वह इतना तंग करती है कि आप डर जाते है ,और आपकी नींद खुल जाती है|
इस छोटी सी दुनिया में आपको मिलेंगी मेरी रचनाएं और कुछ अपनों के दिल से निकली बातें, यादें जिन्हें संजो कर रखना अच्छा लगता है.....
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