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मंगलवार, फ़रवरी 24, 2015

दोहे

1
 भारत माँ के सब बच्चे,यूँ लगते है संग 
साथ मिलकर ज्यों सजते,रंगोली के रंग।

2
अपनी छोड़ी राह पे,पथिक को था गुमान
पिछे मुड़कर देख रहा,ना चाहे सामान।


खुद को गर है जानना,साधो थोड़ा मौन 
अंतर की आवाज से,जानो तुम हो कौन।

4
अपने मन की सब कहे, दुजे का ना ध्यान ।
अपने माथे जब पड़ी, तब मिल पाया ज्ञान ।।

5
आंगन में धूप उतरे, नया सवेरा लाय।
कर्मरत जो रहे सदा, वो ही अवसर पाय।।

6
सबको जिसकी खोज है, कहते जिसको ज्ञान।
योग्यता से ही मिलता, पाना ना आसान ।।

7
निखर निखर है निखरता, बेहद इसका दाम।
हीरा यूं ही ना बना, करता है अभिमान।।

8
सागर जितना गहन है, सरल ना अनुमान।
मनुज की छिपी क्षमता, रत्नों की ज्यों खान।।

9
आंगन के बीच चमकें, रोशन हो घर द्वार।
दीप फैलाय रोशनी, इसका है उपकार।।

गुरुवार, फ़रवरी 24, 2011

टोपी में से मोडा निकला

यह बात तब की है जब मेरा बेटा सोनू  २ साल का था और उसका मुंडन संस्कार हुए कुछ ही दिन हुए थे | मुझे उस पर बहुत लाड आता और कभी बहुत हंसी आती | एक दिन की बात है हमारे यंहां एक अंकल आये जो गंजे थे उन्होंने टोपी पहन रखी थी | उन्होंने अपनी टोपी उतारी और सर पर हाथ फेरा , इधर मैंने भी अपने बेटे सोनू की टोपी उतारी और उसके सर पर हाथ फेरा और आदत के अनुसार उसे लाड करते हुए कहा "टोपी में से मोडा निकला "मेरे इतना कहते ही कमरे में मौजूद सभी लोगों का हँसते-हँसते  बुरा हाल हो गया, मेरा और उन अंकल का चेहरा देखने लायक हो गया|  
- लवलीना मैथ्यूस 

रविवार, जनवरी 16, 2011

ईश्वर के दूत है अच्छे रचनाकार

हर रचना को लिखे जाने का अपना एक महत्वपूर्ण कारण होता है , चाहे वह रचना कितनी ही साधारण से साधारण क्यूँ न हो |भगवान ने कुछ शब्दों को हम पर उतारा है तो जरूर इसके पीछे कुछ ना कुछ उद्देश्य छिपा है |हो सकता है दूर कहीं किसी अन्जान को आपकी कोई रचना प्रभावित करती है और उसके जीवन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव लाती है | ईश्वर ने आपको जरिया बनाकर जो शब्द लिखाये है हो सकता है उसमे आपके लिए या किसी ओर के लिए ईश्वर का सन्देश छिपा हो |इस तरह अच्छे रचनाकार ईश्वर का दूत बनते है | हमारे बड़े बुजुर्ग कहते है की ईश्वर अपनी बात किसी ना किसी तरह कह ही देते है,उसे समझना हमारा काम है| ईश्वर हमसे इस तरह बात करते है|मुझे इस बात का पूरा विश्वाश है | आप में से कई लोगो ने इस बात को महसूस किया होगा |क्या आप इस पर विश्वाश करते है |
" इस ब्लॉग पर पोस्ट की गई सभी रचनाएँ मौलिक है जो की मेरी और मेरे परिवार के सदस्यों द्वारा लिखी गई है " | किताबों व अन्य प्रोडक्ट्स पर दी जानकारी अनुभव आधारित है |
धन्यवाद
नेहा मैथ्यूज़