भाई बहन का उत्सव आया,
राखी सजी कलाई पे।
बहना ने है स्नेह जताया,
आशीषें पाती भाई से।
नोक झोंक और हंसी ठिठोली,
प्यारा सा है बंधन ये।
प्रेम बंधा है इस धागे में,
और बहुत परवाह भी है।
भाई बहन का उत्सव आया,
राखी सजी कलाई पे।
भईया मेरा सदा खुश रहे,
बहना करे दुआएं ये।
कितने सुंदर पल होते है,
राखी के इस उत्सव के।
अपनेपन का एहसास जहां हो,
और बचपन की यादें।
रक्षाबंधन की बहुत बहुत शुभकामनाए



