मंगलवार, मार्च 10, 2015

हाइकु ४

१  नील गगन
    सतरँगी चुनर
    हर्षाए मेघा ।

२   बादल राग
     फिर लेकर आई
     बरखा रानी ।

३   मोर मोरनी
     हरियाली का गीत
     शुभ आशीष ।

४   अरसे बाद
     बरसात का गीत
     फिर सुना है ।

                                                                       लेखक - नेहा मैथ्यूज़ 

2 टिप्‍पणियां:

  1. हाइकु शताब्दी वर्ष 2016
    पुस्तक और हाइकु दिवस (रविवार 4 दिसम्बर 2016)
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  2. हाइकु शताब्दी वर्ष 2016
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नेहा मैथ्यूज़