6/30/2019

काश ये कविता मैंने लिखी होती ...


शरीर तो बंधन है 
कविता तो आत्मा से आती है 
अमर हो जाती है 
ह्रदय से पन्नों तक 
सदियों तक उन्मुक्त 
एक से दूजे तक 
कानों से जुबां तक 
फिर कभी किसी जन्म में 
सुनते है , सोचते है 
काश ये कविता 
 मैंने लिखी होती ...
- नेहा मैथ्यूस 

2/05/2018

kulvender sufiyana aks: ये इश्क बड़ा पुराना है

kulvender sufiyana aks: ये इश्क बड़ा पुराना है: ये इश्क बड़ा पुराना है तुझ से मिलने का बहाना है  कविता लिख कर के कहता हूँ  तुझ तक ये पैगाम मिले  बेवजह कहूँ तो मर जाऊं वजह है तब तो जीत...

1/19/2018

वो जैसा चाहता है


 सूरज से जैसे नही किरणें जुदा 
मैं जिसकी रौशनी तले 
वो है मेरा खुदा 

हरदम साथ है मेरे 
मैं उसके साथ हूँ 
हरदम बंदगी करता 
मैं उसकी बात हूँ |

बड़ी ये बात है 
ऐसा फिर कैसे कहूँ ?
वो जैसा चाहता है 
वैसा ही बनकर रहूँ |

सभी की प्रेरणा बनना 
नहीं आसन है ,
उस की राह पर चलना 
निरंतर ध्यान है |

हो ना पाए कोई भी 
मुझसे खता ,
वो सुधार कर भी दे 
मेरी गलती बता |

मैं उसको मानता दिल से 
वो है मेरा खुदा |

सूरज से जैसे नही किरणें जुदा 
मैं जिसकी रौशनी तले 
वो है मेरा खुदा

हरदम साथ है मेरे 
मैं उसके साथ हूँ 
हरदम बंदगी करता 
मैं उसकी बात हूँ |

- नेहा मैथ्यूस 


12/13/2016

बनाए अपना होम ऑफिस

इसके लिए जरुरत है बस थोडा सा व्यवस्थित होने की और ज्यादातर उन चीजों की जो आपके घर में पहले से ही उपलब्ध है कुछ यहाँ तो कुछ वहां और हां सबसे जरुरी बात आपका फेवरेट कौना जहाँ आप बैठना पसंद करें |
सामग्री – 1 स्टडी टेबल, 1 कुर्सी, 1 स्टूल, आपका कम्प्यूटर या लेपटॉपकुछ स्टेशनरी वस्तुएं [जैसे की पेन,पेंसिल,रबड़, शार्पनर, स्टेपलर, स्केल,  कैंची, फेविकोल, इंच टेप इत्यादि ], लिफाफे, स्टैम्प्स ,सादे कागज, स्कैच पेन्स, नोटबुक, एक दो फोल्डर जिसमें आप जरुरी न्यूज पेपर कटिंग्स या अन्य कागज रख सके|
आपकी रेफरेंस बुक्स जैसे की हिंदी तथा अंग्रेजी या अन्य भाषाओँ की  डिक्शनरीज , डायरेक्टरीज , एटलस, सामान्य ज्ञान, आपकी जरुरी सॉफ्टवेयर सीडी, डीवीडी कलेक्शन  इत्यादि | एक बुक शेल्फ या फिर दीवार में बना आला तो है ही | आपकी एक्स्ट्रा पेन ड्राइव्स, कार्ड रीडर, मेमोरी कार्ड्स, वाई फाई अडेप्टर, डोंगल, डाटा केबल जैसी यूजफुल चीजे |      

स्टडी टेबल कुर्सी व स्टूल को अपनी चुनी जगह पर रखें अब टेबल पर पेन पेन्सिल जैसी स्टेशनरी वस्तुओं को पेन स्टेंड में व्यवस्थित रूप से रखें | अपना कम्प्यूटर या लेपटॉप उस टेबल पर रखे | अपनी सभी रेफरेंस बुक्स, डायरी, फोल्डर, सॉफ्टवेयर आदि  पास ही शेल्फ पर रखे और साथ ही सादे कागज, लिफाफे, स्टेम्प्स इत्यादि शेल्फ पर जमाकर रखे | आपकी उपलब्ध कम्प्यूटर और मोबाइल एक्सेसरीस के अनुरूप एक केस  लेकर उन्हें उसमे जमाकर रखे | उसे भी शेल्फ पर रख दे |  
ऑफिस को और ज्यादा से ज्यादा कार्यशील बनाने के लिए आप कुछ आवश्यक सामग्री खरीद भी सकते है जैसे की मल्टी फंक्शन प्रिंटर जो साढ़े  चार से पांच  हज़ार तक  में आसानी से उपलब्ध है जो कि  दैनिक उपयोगी है आउटपुट पाने का बहुत जरुरी साधन है | कुछ यू एस बी लाइट्स या टेबल लेम्प जो की आपके की बोर्ड को रौशनी देती है और आप बिना किसी को डिस्टर्ब किये अपना काम जारी रख सकते है |  


देखिए तैयार है आपका होम ऑफिस जो की आपके पूरे परिवार के लिए एक सुविधाजनक वातावरण बनाता है और आपके दोस्तों  में आपकी धाक जमाता है | 





2/17/2016

दोहे 3

निखर निखर है निखरता, बेहद इसका दाम।
हीरा यूं ही ना बना, करता है अभिमान।।

सागर जितना गहन है, सरल ना अनुमान।
मनुज की छिपी क्षमता, रत्नों की ज्यों खान।।

आंगन के बीच चमकें, रोशन हो घर द्वार।
दीप फैलाय रोशनी, सबको दे उपहार।।

12/29/2015

दोहे 2

अपने मन की सब कहे, दुजे का ना ध्यान ।
अपने माथे जब पड़ी, तब मिल पाया ज्ञान ।।


आंगन में धूप उतरे, नया सवेरा लाय।
कर्मरत जो रहे सदा, वो ही अवसर पाय।।


सबको जिसकी खोज है, कहते जिसको ज्ञान।
योग्यता से ही मिलता, पाना ना आसान ।।

                              लेखक - नेहा मैथ्यूज

7/15/2015

परोपकार

वृक्ष के झुरमुट को जब जब
पवन ने दिया झिंझोड
भीतर छुपे फलों को उसने
फिर फिर दिया तोड ,
फलों का स्वाद चखा जिसने भी
उसने कहा वाह
ऐसा स्वाद् फिर पाने को
पूछी उसने राह ।
उड़ता आया नन्हा पंछी
उसने ध्यान लगाया
वृक्ष फलों की इस मिठास का
उसने राज बताया ,
डाली और तने में उनके
हमने संसार सजाया
और देखो कैसे उन ने
हर पल साथ निभाया ।
गर्मी से आहत राही को
पेडों ने दी छाँह ,
बेगानी सी दुनिया में
पहचानी सी बाँह ।
समय के साथ खुद के विचार में
वही स्वाद् जब पाया ,
समझ गया वह परोपकार फिर
औरो को समझाया ।
आलोचना से ना घबराना
वो है सच्ची साथी ,
जैसे पवन के एक झोंके से
फलों को मिल गई ख्याती ।