आपका नाम -
ब्लॉग के इस भाग में मै कोशिश करुँगी ऐसे दोहे,चौपाई,कविता,शायरी आदि ढूंढ़ कर लाने की जिनमे आपका नाम छुपा हो|इस प्रकार आप अपने नाम का अर्थ और गहराई से जान सकेंगे|
शुरुआत क्यूँ ना मेरे नाम से की जाये|
तो आज का नाम है नेहा-
नेहा शब्द का उल्लेख मुझे श्री रामचरितमानस के किष्किन्धा काण्ड में मिला है|
देत लेत मन संक न धरई | बल अनुमान सदा हित करई ||
बिपत्ति काल कर सतगुन नेहा | श्रुति कह संत मित्र गुण एहा ||
अर्थ-
देने-लेने में मन में शंका न रखे|अपने बल अनुसार सदा हित ही करता रहे|विपत्ति के समय में तो सदा सौगुना स्नेह करे|वेद कहते हैं की संत (श्रेष्ठ)मित्र के गुण (लक्षण)ये हैं||३||
हिंदी शब्दकोष में नेहा के लिए नेह शब्द का उल्लेख किया गया है जिसे संस्कृत मै स्नेह कहते है|
अंग्रेजी में नेह का अर्थ Friendship,affection दिया गया है|
धन्यवाद |
इस छोटी सी दुनिया में आपको मिलेंगी मेरी रचनाएं और कुछ अपनों के दिल से निकली बातें, यादें जिन्हें संजो कर रखना अच्छा लगता है.....
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शनिवार, अक्टूबर 30, 2010
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