गुरुवार, जनवरी 01, 2026

कान्हा मेरे

कान्हा मेरे 

तेरी भक्ति हर साँस मैं करूँ 

भूलूं न तुझको मैं कभी

तेरे पास ही रहूं । 

कान्हा मेरे ।


कान्हा तेरा नाम ही 

जीवन का है आधार 

जिसके बिना लगता मुझे 

फिका सा ये संसार ।


ये मौका भी तो तुमने दिया

लिखूं तुम्हारे गीत,

कृपा से तेरी बन गया

जीवन मधुर संगीत ।


कान्हा मेरे 

तेरे प्रेम की सदा आस मैं करूँ 

भूलूं न तुझको मैं कभी

तेरे पास ही रहूं । 

कान्हा मेरे ।


हृदय में स्मरण रहे तेरा

लूं जब मैं आखिरी सांस ।

ये वादा भी तो तुम्ही ने किया,

थामोगे फिर तुम हाथ ।


जीवन मरण के चक्र से

छूट जाऊ अबकि बार,

कान्हा मेरी नैया को 

लगा भी दो अब पार।


कान्हा मेरे 

तेरी कृपा पर विश्वास मैं करूँ 

भूलूं न तुझको मैं कभी

तेरे पास ही रहूं । 

कान्हा मेरे ।



                                  -   नेहा की कलम से...








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नेहा मैथ्यूज़