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9/03/2012

शेष कार्य


अवचेतन मन जो दे रहा 
वह ईश्वर का सन्देश है 
चेतन को अब कदम बढ़ाना 
कार्य रह गया शेष है ।

मेरा सफलता के लिए मंत्र  -  
GOOD IDEA + RIGHT ACTION = SUCCESS 


8/24/2012

अभिमान


अपनी चुनी राह पर 
पथिक करे गुमान 
कभी कभी क्यूँ करने लगे 
मन खुद पर अभिमान।



6/26/2012

समय और मनुष्य

(1)
कल के भरोसे -
वक्त हाथ से 
फिसलता रहा ,
टलता रहा,
खलता रहा,
और यह सब यूँही 
चलता रहा।

(2)
सोचता हूँ घडी 
बदल डालूं ,
कुछ है 
जो रोकता है,
उसकी धुल हटा लूँ 
फिर देखू वक्त क्या है।

(3)
दिन मुश्किल है मगर 
शाम आज भी होगी,
मुश्किलों पे जीत पाकर 
हैरान वो आज भी होगी।

(4)
वह तब भी टिक टिक करती थी,
वह अब भी टिक टिक करती है,
अब उसकी यह टिक टिक 
जाने क्यूँ अच्छी लगती है,
शायद मेरे सोचने का 
नजरिया बदल गया,
समय तुम्हारी ताकत 
मैं भी संभल गया।



11/20/2010

ईश्वर भक्ति में शब्दरचना

जब कभी हम बहुत खुश होते है तब ईश्वर का धन्यवाद करते वक्त भक्ति में मन अनायास ही कुछ पंक्तियों की रचना कर देता है | ऐसा मेरे साथ भी कई बार हुआ है | ईश भक्ति की यह छोटी-छोटी शब्द रचनाये प्रस्तुत कर रही हूँ |

साईं भक्ति -

साईं की महिमा का मैं कैसे करूँ बखान 
सबसे अच्छी स्तुति यही,मैं ले लूँ तेरा नाम |
साईं राम ,साईं राम 


राम-कृष्ण भक्ति 

मान लो शबरी या तो सुदामा 
ओ मोरे कृष्णा,ओ मोरे रामा ||





मसीह भक्ति 

यीशु नाम का एक मसीहा 
परमेश्वर का बेटा वो 
हम सबको चंगाई देता 
दया का है सागर वो |