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11/26/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -10

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी| अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 

फजिलते शाने मसीह 
शर्मिन्दये दलील नही 
मालिके दो जहां है वो 
वाशिन्दाये गलील नही
मजहरे  जाके खुदा
दावाए राहे न जात
शर्फे बख्शीश उसे हासिल है 
वो वकील नही |  

11/24/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -9

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 



देख इस बादाए सरमस्त जवानी को ना देख 
दरियाए हुस्न की इस तेज रवानी को ना देख 
देख उसी को जो है नूर-ए-हकीकी गाफिल 
बढ के घट जायेगा इस बाढ के पानी को ना देख|

11/23/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -8

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 

हो कौन मुकाबिल 
तेरे ये किसकी ताब है 
तू माहे शब है तू सुबहे आफताब है 
हुस्न-ए-अजल है तू 
तेरा कामिल शबाब है 
कोई जवाब नही तू लाजवाब है |

11/22/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -7

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 

अदायगी-ए-फर्ज मसीह के नाम से करो 
मेहनत अगर करनी है तो दिलो जान से करो 
दुनिया के तरीकों से इबादत नही होती 
भक्ति अगर करनी है अम्ल ओ ईमान से करो |


11/21/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -6

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 


जिंदगी भर खूने जिगर 
जिसको पिलाया था हमने 
एक मुट्ठी खाक से 
अहसान जताया उसने 
रात दिन सपनों के महल 
जिसके लिए बनाये थे 
मनो मिट्टी के तले
हमको दबाया उसने |

11/20/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -5

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 


मिट जाएगी तारिखियाँ 
बातिल जुदा हो जायेगा 
जब हमारे दिल में वो 
जलवानुमा हो जायेगा |



11/19/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -4

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 


कुछ मुसाफिर है जो 
रस्ते में बिछड़ जाते है
और कुछ ऐसे है 
जो  थककर ठहर जाते है 
चलते रहते है जो 
मुतवातिर अपनी मंजिल में 
एक दिन  मंजिले मकसूद को पा जाते है | 


11/18/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -3

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 

इंतकाल उर मलाल 

 ढूंढ़ के लाने के बहाने जीना होगा 
ये जो बहते है तेरे आंसू इन्हें पीना होगा 
और अगर जीने की तमन्ना है दिल में 
फट गया है दिल जो तेरा इसे सीना होगा 





11/17/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -2

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 
                                                                                  
सहारे पत्थरों के हमने इतने दिन गुजारे
ना हम जागे ना वो सोये बेचारे 
नमूना संगतराशी का बने वो 
इधर फिरते फिरे हम मारे मारे 


11/16/2010

सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' की शायरी -1

यह शायरी मेरे दादाजी स्व.सी.बी.मैथ्यूस 'आगा' द्वारा लिखित है | उनका जन्म सन १९१९ में हुआ था तथा उनकी मृत्यु २००९ में हुई| उन्होंने अपने जीवन में कई उम्दा शायरी लिखी|अपने जीवन के अंतिम वर्षो में वह अपनी कुछ शायरी हमें लिखवाया करते थे  उनमे से कुछ ही आज मेरे पास मौजूद है| जो में आपके सामने प्रस्तुत कर रही हूँ 


शबाब आता है चला जाता है 
फूल खिलखिलाके हँसता है बिखर जाता है 
ख्वाबे गफलत में कुछ पता नही चलता 
चिराग जलते जलते गुल हो जाता है |