गुरुवार, अक्टूबर 21, 2010

इन छोटे-छोटे हाथों मे

इन छोटे-छोटे हाथों मे
क्या बात छुपी है ? बोलो
यह किस्मत की रेखाए है,
तुम राज तो इनके खोलो|

ये हाथ तो बढ़ते जायेंगे
मंजिल को जल्द ही पाएंगे
ये किस्मत की रेखाओ को
अब उज्वल बनायेंगे|

खुद को मजबूत बनायेंगे
हम मेहनत करते जायेंगे
इन हाथों मे जो बात छुपी
हम सबके सामने लायेंगे|

इन छोटे-छोटे हाथों मे 
क्या बात छुपी है ? बोलो
यह किस्मत की रेखाए है,
तुम राज तो इनके खोलो|

1 टिप्पणी:

  1. बहुत सुन्दर रिदम और बेहद नाज़ुक रचना.
    निरंतर लेखन हेतु शुभकामनाएं.
    ---
    वात्स्यायन गली

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नेहा मैथ्यूज़