मंगलवार, अक्टूबर 05, 2010

समाजसेवा एक वरदान

एक रौशनी दिखी जो, आशा जगा गयी,
जीवन की ज्योत जैसे, हमे थमा गयी|
समाज से कुछ लिया तो,कुछ लोटायें हम
एक सपना नया हमको दिखा गयी|
कुछ लोग ऐसे है जो,सच्ची मिसाल है,
दुःख दर्द बाटते है वो,करते कमाल है|
एक संकल्प लिए है वो,जिंदगी की राह पर 
सपनों को आकर देते है वो मूर्तिकार है|
अब आह नहीं है,है चाह जिंदगी
दुःख दर्द मिटाओ कहो वाह जिंदगी|
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1 टिप्पणी:

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नेहा मैथ्यूज़