गुरुवार, अक्टूबर 21, 2010

प्रकृति के खुबसूरत नज़ारे

ये चाँद ये सूरज ये आसमान ये तारे
ये पृथ्वी ये पेड़ ये पोधे हमारे
यही तो है प्रकृति के खुबसूरत नज़ारे
हमारा जीवन इन्ही के सहारे
ये चाँद जो रात मे रोशनी कर दे
ये सूरज जो दिन को उजाले से भर दे
ये आसमान जो इनको संजोये हुए है
ये तारे जो इनकी खुबसूरती बने है
ये पृथ्वी जिसकी गोदे में है हम रहते
ये पेड़ जो हमको स्वच्छ वातावरण देते 
ये पोधे जो फूलों की खुशबू से महकते
यही तो है प्रकृति के खुबसूरत नज़ारे
हमारा जीवन इन्ही के सहारे|


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नेहा मैथ्यूज़