'किसी परिस्तिथी विशेष के कारण उत्पन्न दबाव [भय आदि] को अपनी कल्पना के माध्यम से दूर करना असंवेदनिकरण कहलाता है'|
नकारात्मक विचारों को सकारात्मक विचारों में परिवर्तित करके दबाव को कम करने के लिए असंवेदनिकरण का उदहारण-
प्रसिद्ध पुस्तक harry potter and the prisoner of azkaban में असंवेदनिकरण का एक अच्छा उदहारण है, हालाँकि यह पुस्तक जादुई दुनिया पर आधारित है लेकिन हम यहाँ इसे मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने कि कोशिश करेंगे |
पुस्तक के इस भाग में अध्यापक अपनी अलमारी से एक बहुरूपिये को छोडता है तथा छात्रों से उस चीज कि कल्पना करने को कहता है जिससे कि छात्र को सबसे ज्यादा डर लगता है | ऐसा करने पर वह बहुरुपिया छात्र के डर का रूप ले लेता है |
फिर वह अध्यापक छात्र को उस डर को भागने का मंत्र देता है, वह कहता है कि जो चीज इस डर को खत्म करेगी वह है हंसी| बस हमें अपनी कल्पना मे उस डर को ऐसा रूप धरने को मजबूर करना है जो बहुत मजेदार लगता है| ऐसी कल्पना करने पर छात्र के चहरे पर हंसी आ जाती है |
इस प्रकार वह दबाव उत्पन्न करने वाली स्तिथी को असंवेदनिकृत करता है तथा आराम प्राप्त करना सीख जाता है|
इस छोटी सी दुनिया में आपको मिलेंगी मेरी रचनाएं और कुछ अपनों के दिल से निकली बातें, यादें जिन्हें संजो कर रखना अच्छा लगता है.....
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