नेहा की कलम से...

इस छोटी सी दुनिया में आपको मिलेंगी मेरी रचनाएं और कुछ अपनों के दिल से निकली बातें, यादें जिन्हें संजो कर रखना अच्छा लगता है.....

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मंगलवार, फ़रवरी 24, 2015

दोहे

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1  भारत माँ के सब बच्चे,यूँ लगते है संग  साथ मिलकर ज्यों सजते,रंगोली के रंग। 2 अपनी छोड़ी राह पे,पथिक को था गुमान पिछे मुड़कर...
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Neha Mathews

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