सोमवार, सितंबर 21, 2026

मेरे हर प्रयास में

नाम कृष्ण का हो मुख पर

स्मरण रहे हर सांस में।

भक्तिमय हो जीवन सारा,

कान्हा अपनी हर बात में।। 


सुनू कृष्ण कथा में हरदम,

बैठूं भक्तो के साथ में।

जो श्रवण करु, वो मनन करु,

उनके दर्शन की आस में।।


चक्षु करदे, पावन मेरे, 

विग्रह के प्रकाश में।

जगत के स्वामी, कृपामयी वे,

 रहे जन जन के निवास में।। 


पाए  केवल प्रसाद रसना,

भुख लगे या प्यास में।

और न रहे कोई लालसा,

हे प्रभु! आपके दास में। 


अर्पित पुष्पों की ले सुगंध, 

झूमूं भक्ति के उल्लास में।

हे प्रभु आप ही  बसे रहो

मेरे हर प्रयास में।






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